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ON DARK SIDE Of THE MOON
&
IN BRIGHTNESS OF NIGHT

Thursday, January 21, 2010

Bahut khoob kaha hai....

"शायरी अच्छी या बुरी नहीं होती,
या
तो वो होती है या फिर नहीं होती...."

जिसने भी कहा है, बहुत खूब कहा है...
क्योंकि कहने से पहले,

किसी ने खेये है तुफानो में
अपनी ही नैया बेपतवार,
किसी ने आग चुराने की कोशिश में,
रातों में खुद को ही तन्हाई संग जलाया है,
किसी ने अपने हथेली के चाँद को
रोज़ाना आंसुओं से नहलाया है....
तो कोई,
डूबने की कोशिश में भी पार उतर आया है....


जिसने भी कहा है, बहुत खूब कहा है...
क्योंकि कहने से पहले,

हर कोई... कहीं न कहीं,
कभी न कभी,
तेरे लिए, या मेरे लिए,
इसके लिए, या उसके लिए,
हकीकत में, या ख्वाबों में,
सवालों में, या जबाबों में,
तुम जानो, या न जानो,
तुम समझो, या न समझो,
थोड़ा या थोड़ा जायदा...
एक अनजाना सा दर्द बेशक सहा है........









4 comments:

alchemy said...

mast..:)..

Anonymous said...

dil jit liya be.....

Saurav Kumar said...

thanks alchemy (sabu).....
aur @ anon (****) tumhare liye dil kya jaan bhi hazir hai janab :P

Anonymous said...

Il semble que vous soyez un expert dans ce domaine, vos remarques sont tres interessantes, merci.

- Daniel